menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
न मादृशोऽन्यो नरदेव विद्यते; धनुर्धरो देवमृते पिनाकिनम् |  ९३   क
अहं हि तेनानुमतो महात्मना; क्षणेन हन्यां सचराचरं जगत् ||  ९३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति