menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततः स प्रविशन्नेव स्वमाश्रमपदं मुनिः |  १९   क
आसीनमाश्रमे तत्र जैगीषव्यमपश्यत ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति