आदि पर्व  अध्याय ५

सूत उवाच

तस्मिन्गर्भे सम्भृतेऽथ पुलोमाय़ां भृगूद्वह |  १२   क
समय़े समशीलिन्यां धर्मपत्न्यां यशस्विनः ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति