आदि पर्व  अध्याय ५

सूत उवाच

मत्पूर्वभार्यापहृता भृगुणानृतकारिणा |  २४   क
सेय़ं यदि तथा मे त्वं सत्यमाख्यातुमर्हसि ||  २४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति