menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
कृप उवाच
तथैव सुहृदं प्राज्ञं कुर्वाणं कर्म पापकम् |  ७   क
प्राज्ञाः सम्प्रतिषेधन्ते यथाशक्ति पुनः पुनः ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति