menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १३४
chevron_left
chevron_right
अष्टावक्र उवाच
न मेऽद्य वक्ष्यस्यतिवादिमानि; न्ग्लहं प्रपन्नः सरितामिवागमः |  २   क
हुताशनस्येव समिद्धतेजसः; स्थिरो भवस्वेह ममाद्य वन्दिन् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति