menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स युद्ध्वा क्षत्रधर्मेण यथा नान्यः पुमान्क्वचित् |  १७   क
विवेश सोमं धर्मात्मा कर्मणोऽन्ते महारथः ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति