menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एताः कुरूणामृषभो महात्मा; श्रुत्वा गिरो व्राह्मणसत्तमस्य |  ११४   क
प्रणम्य पादावभिवाद्य हृष्टो; राजाव्रवीन्नारदं देवरूपम् ||  ११४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति