सभा पर्व  अध्याय ५

नारद उवाच

कच्चिदात्मसमा वुद्ध्या शुचय़ो जीवितक्षमाः |  १६   क
कुलीनाश्चानुरक्ताश्च कृतास्ते वीर मन्त्रिणः ||  १६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति