menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
कच्चिन्न लोभान्मोहाद्वा विश्रम्भात्प्रणय़ेन वा |  ८२   क
आश्रितानां मनुष्याणां वृत्तिं त्वं संरुणत्सि च ||  ८२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति