menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
विदुर उवाच
त्रिवर्गोऽय़ं धर्ममूलो नरेन्द्र; राज्यं चेदं धर्ममूलं वदन्ति |  ४   क
धर्मे राजन्वर्तमानः स्वशक्त्या; पुत्रान्सर्वान्पाहि कुन्तीसुतांश्च ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति