menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
येन देवान्मनुष्यांश्च सर्पांश्चैकरथोऽजय़त् |  १६   क
स्फीताञ्जनपदांश्चान्यानजय़त्कुरुनन्दनः ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति