menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स राजधानीं सम्प्राप्य कौन्तेय़ोऽर्जुनमव्रवीत् |  ९   क
क्वाय़ुधानि समासज्य प्रवेक्ष्यामः पुरं वय़म् ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति