menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
धिग्जीवितमिदं मेऽद्य सुहृद्धीनस्य सञ्जय़ |  ३६   क
अद्य चाहं दशामेतां गतः सञ्जय़ गर्हिताम् |  ३६   ख
कृपणं वर्तय़िष्यामि शोच्यः सर्वस्य मन्दधीः ||  ३६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति