menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ५०
chevron_left
chevron_right
दुर्योधन उवाच
लोकवृत्ताद्राजवृत्तमन्यदाह वृहस्पतिः |  १४   क
तस्माद्राज्ञा प्रय़त्नेन स्वार्थश्चिन्त्यः सदैव हि ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति