menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
दिष्ट्या कलिङ्गराजश्च राजपुत्रश्च केतुमान् |  ११२   क
शक्रदेवश्च कालिङ्गः कलिङ्गाश्च मृधे हताः ||  ११२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति