menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १२
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
अथ वा ते स्वभावोऽय़ं येन पार्थावकृष्यसे |  ७   क
दृष्ट्वा सभागतां कृष्णामेकवस्त्रां रजस्वलाम् |  ७   ख
मिषतां पाण्डवेय़ानां न तत्संस्मर्तुमिच्छसि ||  ७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति