menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एवं सङ्कथय़न्तौ तौ प्रविष्टौ शिविरं स्वकम् |  १७   क
ददृशाते भृशास्वस्थान्पाण्डवान्नष्टचेतसः ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति