menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
जनमेजय़ उवाच
वालाभिरूपस्य तवाप्रमेय़; वरं प्रय़च्छामि यथानुरूपम् |  १५   क
वृणीष्व यत्तेऽभिमतं हृदि स्थितं; तत्ते प्रदास्याम्यपि चेददेय़म् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति