उद्योग पर्व  अध्याय १७९

भीष्म उवाच

एहि गच्छ मय़ा भीष्म युद्धमद्यैव वर्तताम् |  ६   क
गृहाण सर्वं कौरव्य रथादि भरतर्षभ ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति