menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
अर्हस्त्वं भीष्म मां द्रष्टुं तपसा स्वेन पार्थिव |  १३   क
तव ह्युपस्थिता लोका येभ्यो नावर्तते पुनः ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति