menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
एतस्मिन्कथ्यमाने तु लोकपालाश्च साग्निकाः |  २२   क
आजग्मुर्देवराजस्य समीपममरोत्तमाः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति