menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
यथा कक्षं दहत्यग्निः प्रवृद्धः सर्वतश्चरन् |  १७   क
महार्चिरनिलोद्धूतस्तद्वद्धक्ष्यति मामकान् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति