menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
साङ्कुशान्सपताकांश्च तत्र तत्रार्जुनो नृणाम् |  २८   क
निचकर्त शरैरुग्रै रौद्रं विभ्रद्वपुस्तदा ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति