menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
विषण्णवदनाः सर्वे परिगृह्य धनञ्जय़म् |  १७   क
नेत्रैरनिमिषैर्दीनाः प्रत्यवेक्षन्परस्परम् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति