menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तथैव सततं पार्थ रक्षिताभ्यां त्वय़ा रणे |  ११   क
धृष्टद्युम्नशिखण्डिभ्यां भीष्मद्रोणौ निपातितौ ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति