menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
जय़द्रथस्य समरे कृत्वा रक्षां महारथः |  ३९   क
अन्तकप्रतिमश्चोग्रां रात्रिं युद्ध्वादहत्प्रजाः ||  ३९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति