menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स त्वं भ्रातुर्वय़स्यस्य गुरोरपि च संय़ुगे |  ४६   क
कुरु कृच्छ्रे सहाय़ार्थमर्जुनस्य नरर्षभ ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति