menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततः सर्वार्तवं दिव्यं पुष्पवर्षं नभस्तलात् |  २३   क
पपात यत्र वार्ष्णेय़ः सगाङ्गेय़ः सपाण्डवः ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति