menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो विनिद्रा विश्रान्ताश्चन्द्रमस्युदिते पुनः |  २५   क
संसाधय़िष्यथान्योन्यं स्वर्गाय़ कुरुपाण्डवाः ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति