menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ५२
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
न त्वेनं शक्नुवन्ति स्म व्याहर्तुमपि किञ्चन |  १७   क
तेजसा धर्षिताः सर्वा लज्जावत्यो वराङ्गनाः ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति