वन पर्व  अध्याय ५२

देवा ऊचुः

करिष्य इति संश्रुत्य पूर्वमस्मासु नैषध |  ८   क
न करिष्यसि कस्मात्त्वं व्रज नैषध माचिरम् ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति