menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तं भारतमहामात्रं पाण्डवानां महारथः |  ९५   क
जेतुं नोत्सहते कश्चिन्नाप्युद्यातुं कथञ्चन |  ९५   ख
ऋते महेन्द्रतनय़ं श्वेताश्वं कृष्णसारथिम् ||  ९५   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति