menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पश्यामि द्रवतीं सेनां पाञ्चालानां जनार्दन |  ५   क
पश्यामि कर्णं समरे विचरन्तमभीतवत् ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति