menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
शरतल्पे शय़ानं तमादित्यं पतितं यथा |  २७   क
ददर्श स महावाहुर्भय़ादागतसाध्वसः ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति