आदि पर्व  अध्याय १८१

वैशम्पाय़न उवाच

ततो वैकर्तनः कर्णो जगामार्जुनमोजसा |  ७   क
युद्धार्थी वाशिताहेतोर्गजः प्रतिगजं यथा ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति