menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
किं नु वक्ष्यसि राजानं धर्मपुत्रं युधिष्ठिरम् |  ५   क
किं कुर्वाणो मय़ा सङ्ख्ये हतो भूरिश्रवा इति ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति