menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ८३
chevron_left
chevron_right
मुनिरु उवाच
देवतेव हि सर्वार्थान्कुर्याद्राजा प्रसादितः |  ३१   क
वैश्वानर इव क्रुद्धः समूलमपि निर्दहेत् |  ३१   ख
इति राजन्मय़ः प्राह वर्तते च तथैव तत् ||  ३१   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति