menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अथ शून्येन मनसा प्रविवेश गृहं नृपः |  ४   क
ददर्श शय़ने तस्मिञ्शय़ानं भृगुनन्दनम् ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति