menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
यदा त्वहं देवय़ोनौ वर्तामि भृगुनन्दन |  १६   क
तदाहं देववत्सर्वमाचरामि न संशय़ः ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति