menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अर्जुनं चापि कौन्तेय़ं सदा रक्षति केशवः |  २८   क
न ह्येनमैच्छत्प्रमुखे सौतेः स्थापय़ितुं रणे ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति