शल्य पर्व  अध्याय ४५

वैशम्पाय़न उवाच

प्रभावती विशालाक्षी पलिता गोनसी तथा |  ३   क
श्रीमती वहुला चैव तथैव वहुपुत्रिका ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति