menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
एवमुक्तस्तु वैदर्भ्या नलो राजा विशां पते |  १२   क
आजगाम पुनस्तत्र यत्र देवाः समागताः ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति