menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
एवमुक्तस्तु वैदर्भ्या नलस्तां प्रत्युवाच ह |  ५   क
तिष्ठत्सु लोकपालेषु कथं मानुषमिच्छसि ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति