menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
अस्त्युपाय़ो मय़ा दृष्टो निरपाय़ो नरेश्वर |  ९   क
येन दोषो न भविता तव राजन्कथञ्चन ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति