menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
नाशय़ञ्शरवर्षाणि भारद्वाजस्य वीर्यवान् |  २९   क
तूर्णं चापविनिर्मुक्तैस्तदद्भुतमिवाभवत् ||  २९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति