menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यय़ातेर्यजमानस्य यत्र राजन्सरस्वती |  ३२   क
प्रसृता प्रददौ कामान्व्राह्मणानां महात्मनाम् ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति