menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पत्तिसङ्घा रणे पत्तीन्भिण्डिपालपरश्वधैः |  १३   क
न्यपातय़न्त संहृष्टाः परस्परकृतागसः ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति