menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अभिमन्युवधं श्रुत्वा ध्रुवमार्तो धनञ्जय़ः |  ८   क
रात्रौ निर्यास्यति क्रोधादिति मत्वा व्यवस्थिताः ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति