menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सोऽवतीर्याचलश्रेष्ठात्प्लक्षप्रस्रवणाच्छुभात् |  ३३   क
ततः प्रीतमना रामः श्रुत्वा तीर्थफलं महत् |  ३३   ख
विप्राणां संनिधौ श्लोकमगाय़दिदमच्युतः ||  ३३   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति